टाइम मैनेजमेंट कैसे करे ? | how to do time management , नैकरी के साथ पढाई कैसे करे ?

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टाइम मैनेजमेंट कैसे करे
टाइम मैनेजमेंट कैसे करे
टाइम मैनेजमेंट: सफलता का आधार है|

‘बुद्धिमान व्यक्ति वही है, जो उपलब्ध समय का अनुकूलतम उपयोग करे।’

लिहाजा समय प्रबंधन की कला सीखें। आखिर क्या कारण है कि एक व्यक्ति सारे जरूरी कामों के साथ अपनी रुचियों के लिए भी समय निकाल लेता है और दूसरा व्यक्ति लगातार व्यस्त रहकर भी अपने जरूरी काम भी नहीं निपटा पाता। आप अपने आस-पास कई ऐसे अभ्यर्थियों को देखेंगे, जो दिन भर बहुत व्यस्त रहते हैं और चिंता-तनाव में खूब भाग-दौड़ भी करते हैं; पर उनके पास इतने सारे इनपुट्स के बाद भी इस अनुपात में बहुत कम या नगण्य आउटपुट होता है। दरअसल ऐसे लोग समय के बेतरतीब कुप्रबंधन के शिकार होते हैं । अव्यवस्थित दिनचर्या के चलते वे अपने छोटे-छोटे लक्ष्य भी पूरे नहीं कर पाते।

टाइम मैनेजमेंट कैसे करे
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अपना रोज का दिनचर्या बनये 

मेरी सलाह यही है कि आप सामान्य दिनचर्या बना लें और यथासंभव उसका पालन करें । जैसे सोने और जागने का समय, अखबार पढ़ने और राइटिंग प्रैक्टिस का समय, टहलने और एक्सरसाइज का समय आदि। अकसर ऐसा भी होता है

अपना दिनचर्या का  उपयोग जरुर करे |

कि हम शानदार दिनचर्या बना तो लेते हैं, पर उसे लागू नहीं कर पाते । एक और बात अकसर होती है। अमूमन हम लोग तय दिनचर्या का शत-प्रतिशत पालन नहीं कर पाते और तनाव ले लेते हैं। हम में से कोई भी परफेक्ट नहीं है, इसलिए यदि दिनचर्या आगे-पीछे, दाएँ-बाएँ हो भी जाए तो नाहक परेशान न हों और पीछे का तनाव लिये बगैर आगे बढ़ते जाएँ।

टाइम मैनेजमेंट कैसे करे
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नैकरी के साथ पढाई कैसे करे?

जहाँ तक जॉब के साथ तैयारी का प्रश्न है, तो मेरी समझ में नौकरी के साथ तैयारी दो तरह से होती है। एक तो आप अपनी तैयारी शुरू ही नौकरी के साथ करें और दूसरा तरीका यह है कि आप पहले एक-डेढ़ साल समर्पित होकर एक बार पूरी तैयारी कर चुके हैं

और फिर आपने कोई पार्ट टाइम या फुल टाइम नौकरी जॉइन कर ली। दूसरे तरीके में तो कोई समस्या ही नहीं है। यदि आप एक बार पूरा सिलेबस कवर कर चुके हैं तो फिर नौकरी करते-करते आराम से रिवीजन किया जा सकता है

और नया करेंट अफेयर्स भी तैयार किया जा सकता है। पर यदि आप तैयारी की शुरुआत ही नौकरी के साथ कर रहे हैं तो डगर थोड़ी मुश्किल है; पर असंभव नहीं। कभी-कभी तो ऐसा भी होता है कि हम दिन भर खाली रहकर समय का उतना सदुपयोग नहीं कर पाते, जितना नौकरी में व्यस्त रहने पर कर लेते हैं। जब हमारे पास कुछ घंटे ही पढ़ने के लिए होते हैं तो हम बिना समय व्यर्थ किए कम समय में अच्छे से तैयारी करते हैं।

फिर सप्ताहांत में होनेवाली छुट्टी का भी बखूबी उपयोग किया जा सकता है। कहने का अर्थ है कि जॉब के साथ तैयारी चुनौतीपूर्ण तो है, पर असंभव नहीं। परीक्षा से पूर्व आप कुछ समय छुट्टी भी ले सकते हैं। जॉब करने का एक सकारात्मक पहलू यह भी है कि आपका आत्मविश्वास एवं अनुभव बढ़ता है और आपको तनाव-मुक्त रहकर तैयारी करने में भी मदद मिलती है।

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